Weather Alert in Uttarakhand: 8 जिलों में आज अत्यंत तीव्र बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

जागरण संवाददाता, देहरादून। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलधार वर्षा ने उत्तराखंड के जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मै
जागरण संवाददाता, देहरादून। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलधार वर्षा ने उत्तराखंड के जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएँ सामने आई हैं। चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है, और यात्रियों को विभिन्न पड़ावों पर रोक दिया गया है। राजधानी देहरादून और अन्य मैदानी क्षेत्रों में जलभराव, सड़क क्षति और यातायात अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। मसूरी मार्ग पर भी भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित रहा है।
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए उत्तराखंड के आठ जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में सर्वाधिक 233 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। सिल्ट बढ़ने के कारण दोपहर एक बजे से ढालीपुर, ढकरानी और व्यासी जल विद्युत उत्पादन केंद्रों में बिजली उत्पादन ठप हो गया है। सोमवार रात से शुरू हुई जोरदार वर्षा ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिससे जलभराव और भू-कटाव जैसी आपात स्थितियाँ उत्पन्न हो गई हैं। यातायात, पेयजल और बिजली की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
भारी वर्षा के कारण कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रुद्रप्रयाग में गौरीकुंड, पिथौरागढ़ में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग और मुनस्यारी-मिलम राजमार्ग भूस्खलन से अवरुद्ध हो गए हैं। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग का एक हिस्सा धंस गया है। मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और टिहरी जिलों के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है। यमुनोत्री हाईवे पर भी भूस्खलन से दो कांवड़ यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उत्तरकाशी के तिलवाड़ा में मंदाकिनी नदी किनारे तीन स्थानीय महिलाएं तेज बहाव में फंस गई थीं, जिन्हें एसडीआरएफ टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।









