Vaccination Campaign in Budaun: छह स्कूलों ने अभिभावकों की अनुमति न मिलने का हवाला देकर नहीं लगवाई वैक्सीन

म्याऊं। सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत 20 विद्यालयों में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस अभियान
म्याऊं। सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत 20 विद्यालयों में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस अभियान में 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष 3 माह से कम आयु की 79 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन की सिंगल डोज लगाई गई। हालांकि, छह विद्यालयों ने अभिभावकों की अनुमति न मिलने के कारण छात्राओं को वैक्सीन नहीं लगवाई। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार गंगवार ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव में प्रभावी मानी जाती है। बाजार में इसकी कीमत अधिक है, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर यह पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन छह विद्यालयों में टीकाकरण नहीं हुआ है, वहां के प्रधानाचार्यों ने बताया कि उन्हें अब तक किशोरियों के माता-पिता की सहमति प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए विद्यालय में टीकाकरण कराना संभव नहीं है। डॉ. गंगवार ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे बुधवार और शनिवार को छोड़कर किसी भी कार्य दिवस में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अपनी बेटियों का नि:शुल्क टीकाकरण अवश्य कराएं।
किशोरियों ने एचपीवी टीका लगवाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से सोमवार को 14 से 15 आयु वर्ग की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीका लगाया गया। कई स्कूलों की छात्राओं का उपकेंद्रों पर टीकाकरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्राओं को वैक्सीन की उपयोगिता और समय पर टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि पात्र सभी किशोरियों को इसका लाभ अवश्य लेना चाहिए। इस कार्यक्रम में क्राइम इंस्पेक्टर विनोद कुमार मौर्य, प्रियांशी तोमर, एएनएम रेनू तोमर, अमृत पाल सिंह आदि मौजूद रहे।









