Viral Fake Bihar Teacher Recruitment Ad: बिहार टीचर भर्ती का विज्ञापन पूरी तरह फर्जी है

पटना से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक विज्ञापन को लेकर स्पष्ट किया है कि यह
पटना से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक विज्ञापन को लेकर स्पष्ट किया है कि यह विज्ञापन पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है। आयोग ने कहा है कि उनके द्वारा ऐसी कोई भी आधिकारिक विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है, जिससे यह साबित होता है कि यह सूचना गलत है। सोशल मीडिया पर जो विज्ञापन प्रसारित हो रहा है, उसमें शिक्षक और प्रधानाध्यापक पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाने का दावा किया गया है। यह विज्ञापन शिक्षा विभाग, अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अंतर्गत वर्ग एक से 12 तक के विद्यालयों में अध्यापक और प्रधानाध्यापकों के पदों के लिए बताया गया है। इस विज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जल्द ही आधिकारिक विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा। हालांकि, आयोग ने इस विज्ञापन को खंडित करते हुए कहा है कि यह पूरी तरह से गलत और भ्रामक है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि वायरल हो रहे इस फर्जी नोटिस में 27 जुलाई की तारीख के साथ परीक्षा नियंत्रक के फर्जी हस्ताक्षर भी दर्शाए गए हैं। बीपीएससी ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए आम जनता से अपील की है कि वे ऐसी अप्रमाणित और असत्य खबरों पर विश्वास न करें। आयोग ने कहा है कि इस प्रकार के फर्जी विज्ञापनों से बचने के लिए अभ्यर्थियों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर ही भरोसा करना चाहिए। यह कदम आयोग की ओर से अभ्यर्थियों की सुरक्षा और सही जानकारी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।









