Warrant issued against Congress President Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ वारंट जारी

पंजाब के संगरूर की अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने उन्हें 19 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने
पंजाब के संगरूर की अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने उन्हें 19 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। इस मामले में खड़गे को अदालत में खुद उपस्थित होकर जमानत लेनी होगी। यह मामला 2023 का है, जब संगरूर निवासी हितेश भारद्वाज ने बजरंग दल से जुड़े एक मामले में खड़गे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में खड़गे के उस बयान का उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने बजरंग दल की तुलना पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि कांग्रेस की सरकार बनती है, तो बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। अदालत ने इस बयान को गंभीरता से लेते हुए खड़गे के खिलाफ कार्रवाई की है।
अदालत ने खड़गे के खिलाफ 15,000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया है। पहले इस मामले को सिविल प्रकृति का माना जा रहा था, लेकिन अब अदालत ने इसे आपराधिक प्रकृति का मामला मानते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की है। अदालत के इस निर्णय ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। खड़गे के बयान को लेकर विवाद बढ़ गया है और अब अदालत की कार्रवाई ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि मल्लिकार्जुन खड़गे अगली सुनवाई की तारीख 19 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया जा सकता है।
इस मामले में खड़गे के बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। कांग्रेस पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का एक उदाहरण बताया है, जबकि विपक्ष ने इसे सही ठहराने की कोशिश की है। खड़गे के खिलाफ जारी वारंट ने उनके राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठाए हैं। अब देखना यह है कि खड़गे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और अदालत में अपनी स्थिति को कैसे स्पष्ट करते हैं। इस मामले की सुनवाई 19 सितंबर को होगी, जिसमें खड़गे को अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। यदि वे अदालत में उपस्थित नहीं होते हैं, तो यह उनके लिए एक बड़ी कानूनी समस्या बन सकती है।









