Water Conservation Initiative: औरैया में भूजल संरक्षण को मिलेगी गति, 24 लाख की लागत से बनेंगे 5 रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

औरैया में भूजल संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शासन के निर्देशों के तहत, नगर में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए 24 लाख रुपये की लागत से पां
औरैया में भूजल संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शासन के निर्देशों के तहत, नगर में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए 24 लाख रुपये की लागत से पांच ग्राउंडवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। जिलाधिकारी बृजेश कुमार के मार्गदर्शन में यह कार्य शुरू किया गया है। पहला सिस्टम जिला कोषागार में स्थापित किया जाएगा, जहाँ निर्माण कार्य पहले ही आरंभ हो चुका है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि इन सिस्टमों के लिए नगर पालिका परिसर, तहसील, शहीद पार्क और ट्रेजरी जैसे स्थानों का चयन किया गया है। इन स्थानों पर भवनों की छतों से वर्षा के पानी को पाइपलाइन के माध्यम से रिचार्ज पिट तक पहुंचाया जाएगा, जिससे पानी सीधे जमीन में रिसकर भूजल को रिचार्ज करेगा।
टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। पहले चरण में जिला कोषागार परिसर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण किया जाएगा। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि बोरिंग का कार्य भी चल रहा है। सरकारी भवनों में सिस्टम स्थापित होने के बाद आम जनता को भी प्रेरित किया जाएगा कि वे अपने घरों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग अपनाएं। यह पहल न केवल भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि गर्मियों में पानी की किल्लत को भी कम करेगी।
सुभाष कुमार ने कहा कि वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से बारिश का पानी व्यर्थ नहीं जाएगा, बल्कि इसे जमीन में पहुंचाया जाएगा, जिससे हैंडपंप और बोरवेल में पानी का स्तर बढ़ेगा। इससे शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में सुधार होगा और जलभराव की समस्या से भी राहत मिलेगी। भूजल के स्तर में वृद्धि से पेड़-पौधों और कृषि को भी लाभ होगा। इस प्रकार, यह योजना न केवल जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यावरण को भी बेहतर बनाने में सहायक होगी।









