Water Crisis in Agra: बिना सूचना बंद हुआ वाटरवर्क्स, आधा आगरा जल संकट से जूझ रहा

आगरा के सिकंदरा वाटरवर्क्स पर बिना किसी पूर्व सूचना के शटडाउन ले लिया गया, जिससे शहर में जल संकट उत्पन्न हो गया है। गंगा और यमुना जल का 144 एमएलडी एमबीबीआर प्ला
आगरा के सिकंदरा वाटरवर्क्स पर बिना किसी पूर्व सूचना के शटडाउन ले लिया गया, जिससे शहर में जल संकट उत्पन्न हो गया है। गंगा और यमुना जल का 144 एमएलडी एमबीबीआर प्लांट ठप हो गया है। यह शटडाउन दोपहर एक बजे से शाम 6 बजे तक पेड़ों की छंटाई और जंगल से निकल रहे 44 खंभों की मरम्मत के लिए डीवीवीएनएल द्वारा लिया गया था। इस कारण से जल शोधन प्लांट का संचालन नहीं हो सका, जिससे मंगलवार शाम की जलापूर्ति प्रभावित हुई। शहर के आधे हिस्से के लोग जलापूर्ति के समय बार-बार नल खोलकर पानी का इंतजार करते रहे। प्रभावित क्षेत्रों में सिकंदरा, बोदला, शाहगंज, लोहामंडी, केदार नगर, लॉयर्स कॉलोनी, संजय प्लेस, हलवाई की बगीची, पचकुईयां, गोकुलपुरा, राजा की मंडी, जगदीशपुरा, किशोरपुरा, आवास विकास कॉलोनी, शास्त्रीपुरम, पश्चिमपुरी, रामनगर पुलिया, बालाजीपुरम, अवधपुरी, बिचपुरी रोड, सुभाष नगर, श्याम नगर, सिकंदरा-बोदला रोड की कॉलोनियां, प्रकाश नगर, शाहगंज चारबाग, साकेत कॉलोनी, बाड़ा चरन सिंह, मंसा देवी गली, मदिया कटरा, जयपुर हाउस, गोविंद नगर, नगला छऊआ, खेरिया मोड़, अर्जुन नगर, एयरफोर्स स्टेशन, नाई की मंडी आदि शामिल हैं। इन क्षेत्रों में जलापूर्ति न होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
राजकुमार नागरथ, जो खेरिया मोड़ के निवासी हैं, ने बताया कि जलापूर्ति बिना किसी सूचना के रोक दी जाती है। यदि पहले से सूचना दी जाती, तो लोग अपनी जरूरत का पानी भर लेते। लेकिन जलकल विभाग लगातार इस तरह की समस्याएं उत्पन्न कर रहा है, जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। राजनगर के पार्षद बंटी माहौर ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि महीने में आठ से दस दिन जलापूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने जलकल महाप्रबंधक से अनुरोध किया कि इस समस्या का समाधान किया जाए, अन्यथा लोग कार्यालय पर जाकर धरना देने के लिए मजबूर होंगे।









