Water Leakage in Fatehgarh Sahib: किसानों ने किया प्रदर्शन, पक्का सूआ फिर टूटा

फतेहगढ़ साहिब के बस्सी पठाणा उपमंडल के गांव गुनिया माजरी में हाल ही में बनाए गए पक्के सूए ने एक बार फिर से अपनी मजबूती को साबित करने में असफलता दिखाई है। जब सूए
फतेहगढ़ साहिब के बस्सी पठाणा उपमंडल के गांव गुनिया माजरी में हाल ही में बनाए गए पक्के सूए ने एक बार फिर से अपनी मजबूती को साबित करने में असफलता दिखाई है। जब सूए से पानी छोड़ा गया, तो उसकी दीवार टूट गई, जिससे भारी मात्रा में पानी किसानों के खेतों में भर गया। इस घटना के बाद किसान नेता और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्होंने पंजाब सरकार, सिंचाई विभाग और ठेकेदारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि यह सूआ पहले भी निर्माण के दौरान टूट चुका था, लेकिन ठेकेदार ने आश्वासन दिया था कि भविष्य में घटिया सामग्री का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों ने केवल खानापूर्ति की और काम को पूरा कर दिया, जिससे यह सूआ फिर से टूट गया।
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने इस घटना के बाद अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि गांव का पुराना कच्चा सूआ पिछले 70 वर्षों से बिना किसी समस्या के चल रहा था। उन्होंने बताया कि ओवरफ्लो होने के बावजूद वह सूआ कभी नहीं टूटा। लेकिन सरकार द्वारा पक्के निर्माण के नाम पर किए गए इस कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण सूआ पहली बार पानी छोड़ते ही बह गया। किसानों का आरोप है कि ठेकेदार ने सूआ की दीवारों को मजबूत करने के लिए मिट्टी लगाने के बजाय कई ट्रक मिट्टी बाहर बेच दी। इस लापरवाही के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
किसानों ने प्रशासन और ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। किसानों का कहना है कि यदि इस तरह की लापरवाही जारी रही, तो उन्हें भविष्य में और भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस घटना ने किसानों के बीच गुस्से की लहर पैदा कर दी है और वे अपनी मांगों को लेकर एकजुट हो गए हैं।









