Water Release from Bijnor Barrage: बिजनौर बैराज से छोड़ा गया 1.45 लाख क्यूसेक पानी, हस्तिनापुर खादर के गांवों में बढ़ी चिंता, किसान परेशान

मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के चलते स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। बिजनौर बैराज से 1.45 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है,
मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के चलते स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। बिजनौर बैराज से 1.45 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि भीमगोड़ा बैराज से लगभग 99,680 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया है। इस स्थिति के मद्देनजर, प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटा जा सके। गंगा नदी के किनारे बसे गांवों के लोग जलस्तर पर ध्यान दे रहे हैं और अपने खेतों की सुरक्षा के लिए चिंतित हैं। किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है क्योंकि जलस्तर में वृद्धि से फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
गंगा नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार, बिजनौर बैराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़ने के बाद हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में स्थानीय निवासियों में चिंता बढ़ गई है। गंगा किनारे के गांवों में रहने वाले लोग जल स्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं और प्रशासन से मदद की अपील कर रहे हैं। इस क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए, प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो उनकी फसलें प्रभावित हो सकती हैं। किसानों ने प्रशासन से उचित कदम उठाने की मांग की है ताकि फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने भी बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यक उपायों की मांग की है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वे स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाएंगे। इस बीच, स्थानीय लोग भी अपनी सुरक्षा के लिए तैयारियों में जुटे हुए हैं।









