New Employment Model: पशु आहार बनाकर महिलाएं गढ़ रहीं रोजगार की नई मिसाल

काशीपुर। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अब पशु आहार निर्माण के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार क
काशीपुर। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अब पशु आहार निर्माण के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का एक नया मॉडल भी प्रस्तुत कर रही हैं। बांसखेड़ा खुर्द के भारत क्लस्टर से संबंधित महिलाओं ने पैगा गांव में एक गौ सेंटर में पशु आहार निर्माण यूनिट की स्थापना की है। यहां की महिलाएं हर सप्ताह लगभग 50 क्विंटल पशु आहार तैयार कर रही हैं, जिसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है। भारत क्लस्टर की कोषाध्यक्ष मंजू देवी ने बताया कि यह पशु आहार जौ, गुड़, चोकर, विभिन्न प्रकार की खलियां, मक्का, बाजरा, मोरिंगा पाउडर, चावल की पॉलिश, मूंगफली, सोयाबीन, तिल्ली, सरसों, सूरजमुखी की खली, खनिज लवण और नमक के मिश्रण से तैयार किया जाता है। इस आहार में प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और खनिजों की पर्याप्त मात्रा होती है, जिससे यह गाय, भैंस और बकरियों के लिए अत्यधिक पौष्टिक साबित हो रहा है।
ग्राम विकास अधिकारी मुदस्सिर अहमद ने जानकारी दी कि महिलाओं द्वारा निर्मित पशु आहार की मांग आसपास के गांवों में तेजी से बढ़ रही है। पशुपालक अब सीधे गौ सेंटर पर पहुंचकर इस पशु आहार को खरीद रहे हैं और लगातार नए ऑर्डर भी प्राप्त हो रहे हैं। इससे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को नियमित आय का एक मजबूत साधन मिल रहा है। यह पहल न केवल महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त कर रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही है। इस प्रकार की गतिविधियों से न केवल महिलाओं को रोजगार मिल रहा है, बल्कि वे अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी सुधारने में सक्षम हो रही हैं।









