World Hepatitis Day: विशेषज्ञों ने यूसीएमएस और जीटीबी अस्पताल में जांच और टीकाकरण पर जोर दिया

नई दिल्ली। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर मंगलवार को यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (यूसीएमएस) और गुरु तेग बहादुर अस्पताल में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक
नई दिल्ली। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर मंगलवार को यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (यूसीएमएस) और गुरु तेग बहादुर अस्पताल में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि वर्ष 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के लिए समय पर जांच, हेपेटाइटिस-बी का सार्वभौमिक टीकाकरण और जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। इस कार्यक्रम का आयोजन पब्लिक अवेयरनेस फोरम (पीएएफ) द्वारा 'हेपेटाइटिस उन्मूलन में तेजी लाने के लिए बाधाओं को दूर करना' विषय पर किया गया था, जिसमें चिकित्सकों, मेडिकल छात्रों, नर्सिंग अधिकारियों और आम लोगों ने भाग लिया। यूसीएमएस और जीटीबी अस्पताल के निदेशक डॉ. धीरज शाह ने इस अवसर पर कहा कि हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण और सभी मरीजों को उपचार उपलब्ध कराना राष्ट्रीय नियंत्रण कार्यक्रम की सफलता के लिए आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि हम इस बीमारी को नियंत्रित करना चाहते हैं, तो हमें सभी स्तरों पर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।
मुख्य वक्ता आईएलबीएस की प्रो. डॉ. सीमा आलम ने इस बात की जानकारी दी कि हेपेटाइटिस-बी और सी बिना लक्षण के लिवर सिरोसिस और कैंसर का कारण बन सकते हैं। उन्होंने जोखिम वाले समूहों में नियमित जांच और सामाजिक कलंक को दूर करने की अपील की। कार्यक्रम में पैनल चर्चा के दौरान डॉ. कुलदीप कुमार और डॉ. मनीष नारंग ने मां-शिशु संक्रमण रोकथाम, सुरक्षित रक्त आधान, टीकाकरण और स्वस्थ जीवनशैली पर जानकारी दी। विशेषज्ञों ने सार्वभौमिक टीकाकरण, नियमित स्क्रीनिंग और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि हम इन उपायों को अपनाते हैं, तो हम हेपेटाइटिस के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ सकते हैं और इसके प्रभाव को कम कर सकते हैं।









