Political Aspirations: जेल में बंद बच्चों से वादा किया था... जफर अली ने AIMIM में शामिल होकर चुनाव लड़ने की बात कही

संभल के शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली ने हाल ही में आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) में शामिल होने के बाद अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में
संभल के शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली ने हाल ही में आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) में शामिल होने के बाद अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के मामले में 131 दिन जेल में बिताने के दौरान, उनके साथ जेल में बंद अन्य लोगों और बच्चों ने उनसे विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही थी। जफर अली ने कहा कि उन्होंने उन बच्चों से किए गए वादों को पूरा करने का निर्णय लिया है और इस बार विधानसभा चुनाव में भाग लेने का मन बना लिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब वह एक अगस्त 2025 को जेल से बाहर आए, तो उन्होंने चुनाव लड़ने का एलान किया था, जो कि उनकी अपनी इच्छा से नहीं बल्कि जेल में बंद लोगों की प्रेरणा से था।
जफर अली ने यह भी कहा कि हिंसा के मामले में उनके लिए संभल के किसी भी नेता ने सहानुभूति नहीं दिखाई, जिसके कारण उन्होंने खुद को चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि लोग अभी भी उन्हें चुनाव लड़ाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं और वह इस वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जफर अली ने एआइएमआइएम में शामिल होने के बाद मुरादाबाद में हुई पार्टी की जनसभा में असदुद्दीन ओवैसी की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ली। यह कदम उनके लिए एक नई राजनीतिक शुरुआत का प्रतीक है।
एआइएमआइएम से टिकट न मिलने के सवाल पर जफर अली ने कहा कि उन्होंने अभी हाल ही में पार्टी जॉइन की है और वह पहले खुद टिकट के लिए प्रयास करेंगे। यदि पार्टी हाईकमान उन्हें टिकट नहीं देती है, तो वह किसी भी अन्य उम्मीदवार के साथ चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं। जफर अली का यह बयान उनके राजनीतिक भविष्य के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है और यह भी बताता है कि वह अपने वादों को निभाने के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं। उनकी यह पहल संभल के लोगों के लिए एक नई उम्मीद का संचार करती है।









