BJP's Alliance in Punjab: CM Saini's Exclusive Interview on Amritpal's Party

चंडीगढ़ से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब और हरियाणा के बीच विवादों का इतिहास बहुत पुराना है। 1 नवंबर 1966 को जब इन दोनों राज्यों का विभाजन हुआ, तब
चंडीगढ़ से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब और हरियाणा के बीच विवादों का इतिहास बहुत पुराना है। 1 नवंबर 1966 को जब इन दोनों राज्यों का विभाजन हुआ, तब से लेकर आज तक, कई मुद्दों पर दोनों राज्यों के बीच मतभेद बने रहे हैं। हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पंजाब में बढ़ती सक्रियता ने लोगों के मन में सवाल उठाए हैं कि आखिर वह इतनी सक्रियता क्यों दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री सैनी ने अपने हालिया दौरे के दौरान कई मुद्दों पर अपनी राय रखी और कहा कि उनकी सक्रियता का कारण उनका ननिहाल डेराबस्सी में होना है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब और हरियाणा एक ही परिवार की तरह हैं और दोनों राज्यों के बीच भाईचारा बना रहना चाहिए। उन्होंने हरियाणा की सरकार द्वारा किसानों के लिए की जा रही योजनाओं का भी जिक्र किया, जिसमें 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद शामिल है। उन्होंने कहा कि किसान देख रहे हैं कि हरियाणा सरकार उनके हित में काम कर रही है और आने वाले समय में भाजपा को वोट देने के लिए तैयार हैं।
सैनी ने यह स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी का पंजाब में कोई अन्य गठबंधन नहीं है। उनका कहना था कि पंजाब के लोग ही अपने मुख्यमंत्री का चुनाव करेंगे और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर राज्य को मजबूत करने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कोई पार्टी पंजाब को मजबूत करने के एजेंडे के साथ आना चाहती है, तो उसका स्वागत है। सैनी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने हरियाणा में 217 संकल्प लिए हैं, जिनमें से 66 पहले साल में पूरे कर दिए गए हैं। उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनके द्वारा किए गए वादों का क्या हुआ। उन्होंने पंजाब के युवाओं को रोजगार देने के मामले में भी आम आदमी पार्टी की आलोचना की।


















