Complaint filed against MP Pappu Yadav: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के खिलाफ प्रयागराज में परिवाद दाखिल

प्रयागराज से एक महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है, जहां पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में एक परिवाद दाखिल किया गया है। यह परि
प्रयागराज से एक महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है, जहां पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में एक परिवाद दाखिल किया गया है। यह परिवाद भाजपा के प्रदेश सह संयोजक (विधिक विभाग) सुशील कुमार मिश्रा द्वारा उनके वकील अम्बिकेश्वर मिश्रा के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इस परिवाद में सांसद पर धार्मिक भावनाएं आहत करने, विद्वेष फैलाने और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला तब सामने आया जब हाल ही में अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम मंदिर में दानराशि चोरी की एक घटना हुई थी। सांसद पप्पू यादव ने इस घटना के विरोध में संसद भवन के सामने साधु-संतों और पुजारियों की वेशभूषा धारण कर प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने गले में तख्ती लगाई और नकली दानपात्र रखा। इस प्रदर्शन को लेकर परिवादी का कहना है कि इससे साधु-संतों और सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में विद्वेष फैलाने का प्रयास किया गया है।
परिवाद में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस प्रदर्शन का प्रसारण विभिन्न टीवी चैनलों, सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में किया गया, जिसे परिवादी ने अपने कार्यालय में देखा। परिवादी ने यह दावा किया है कि इस घटना के संबंध में उन्होंने 31 जुलाई 2026 को सिविल लाइंस थाना प्रभारी निरीक्षक से शिकायत की थी। इसके बाद 3 अगस्त को थाना प्रभारी सिविल लाइंस और पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज को भी रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से प्रार्थना पत्र भेजा गया, लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस स्थिति को देखते हुए परिवादी ने न्यायालय की शरण लेने का निर्णय लिया और एसीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर किया। यह मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है और इसके परिणाम का सभी को इंतजार है।
इस प्रकार, सांसद पप्पू यादव के खिलाफ उठाए गए इस कदम ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह मामला न केवल धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे राजनीतिक प्रदर्शन कभी-कभी विवादों का कारण बन सकते हैं। अब देखना यह होगा कि न्यायालय इस मामले में क्या निर्णय लेता है और क्या सांसद पप्पू यादव के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई होती है। यह मामला निश्चित रूप से आगे चलकर और भी जटिलताएं पैदा कर सकता है, और इससे जुड़े सभी पक्षों की नजरें अब न्यायालय के फैसले पर टिकी हुई हैं।
















