Delhi High Court Questions Police Conduct: सुप्रीम कोर्ट से जमानत खारिज होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं

दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर उच्च न्यायालय ने गंभीर सवाल उठाए हैं। हाल ही में, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अग्र
दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर उच्च न्यायालय ने गंभीर सवाल उठाए हैं। हाल ही में, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बावजूद भी पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया की पीठ ने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है और इससे यह आभास होता है कि आरोपित को किसी प्रकार की सहायता प्रदान की जा रही है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में गंभीरता को देखते हुए पुलिस को अधिक सजग रहना चाहिए। अदालत ने मनोज कुमार झा नामक आरोपित की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आरोपित के खिलाफ कई गंभीर धाराएं हैं, जिनमें धोखाधड़ी, हत्या का प्रयास, और अन्य अपराध शामिल हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि आरोपित के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर कुल 11 प्राथमिकी दर्ज हैं, जिसमें संसद मार्ग थाना, पंजाब, चंडीगढ़, गुरुग्राम, बिहार और हरियाणा शामिल हैं। सुनवाई के दौरान, अतिरिक्त लोक अभियोजक अमित अहलावत ने भी इस बात पर चिंता व्यक्त की कि पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और पुलिस को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। आरोपित ने जमानत की मांग करते हुए तर्क दिया कि उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं और उसे गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए।
















