Delhi Lakshmi Scheme Controversy: AAP-BJP में घमासान, 10 साल निवास और विधायक की सिफारिश पर विवाद

नई दिल्ली में दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना को लेकर आम आदमी पार्टी (aap) और भारतीय जनता पार्टी (bjp) के बीच राजनीतिक विवाद गहरा गया है। आम आदमी पार्टी ने आरोप ल
नई दिल्ली में दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक विवाद गहरा गया है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस योजना में 10 साल का निवास और सांसद या विधायक की सिफारिश जैसी शर्तें लगाकर पूर्वांचलियों और जरूरतमंद महिलाओं को लाभ से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। AAP के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अन्य सरकारी पेंशन योजनाओं में ऐसी सिफारिश की आवश्यकता नहीं होती है, इसलिए सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि महिलाओं को जनप्रतिनिधियों के पास जाने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह शर्तें महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करती हैं और इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए।
भाजपा ने आम आदमी पार्टी के इन आरोपों को भ्रामक बताते हुए जवाब दिया है। दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि पंजाब सरकार की बहन-बेटी योजना भी केवल राज्य की स्थायी निवासी महिलाओं के लिए है, इसलिए यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की सामाजिक पेंशन योजनाओं में लंबे समय से निवास संबंधी पात्रता लागू रही है। कपूर ने यह भी दावा किया कि विधायक की सिफारिश की व्यवस्था 2018 में अरविंद केजरीवाल सरकार के समय से लागू है। भाजपा का कहना है कि लक्ष्मी योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और तीन वर्षों में सभी पात्र महिलाओं तक इसका लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
















