Fraud in Haryana: वोटर लिस्ट से काटे गए 9 लाख मृत मतदाताओं के नाम

हरियाणा में हाल ही में संपन्न मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है, जिसमें नौ लाख से अधिक मृत मतदाताओं
हरियाणा में हाल ही में संपन्न मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है, जिसमें नौ लाख से अधिक मृत मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। यह कदम उन लोगों के लिए उठाया गया है, जिनका निधन पिछले दस से बारह वर्षों में हुआ है। इस अभियान के तहत राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मृत मतदाताओं की पहचान की गई है, जिससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया गया है। इस पुनरीक्षण के दौरान, बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र से सबसे अधिक 20,599 मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो कि इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है। इसके अलावा, नलवा विधानसभा क्षेत्र से 4,420 नाम हटाए गए हैं, जो कि अन्य विधानसभा क्षेत्रों की तुलना में सबसे कम है। यह आंकड़े यह दर्शाते हैं कि चुनावी प्रक्रिया में सुधार के लिए यह कदम कितना आवश्यक था।
हरियाणा के विभिन्न जिलों में, जैसे कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत और करनाल, मृत मतदाताओं की संख्या अधिक पाई गई है। इन जिलों के विधानसभा क्षेत्रों में मृत मतदाताओं की पहचान के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अलावा, 34 लाख संदिग्ध मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूचियों से काटे जा चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चुनावी प्रक्रिया में सुधार के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अभियान न केवल मृत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी है कि केवल जीवित मतदाता ही चुनावों में भाग लें।















