GST fraud in Meerut: सपा जिला कोषाध्यक्ष रचित गुप्ता को जेल भेजा गया

मेरठ में समाजवादी पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष रचित गुप्ता को 218 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई बदायूं में अवैध रूप से
मेरठ में समाजवादी पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष रचित गुप्ता को 218 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई बदायूं में अवैध रूप से चल रही पान मसाला और गुटखा फैक्ट्री के खिलाफ की गई। जीएसटी विभाग की टीम ने 12 घंटे तक छापेमारी की, जिसमें रचित गुप्ता के साथ उनके दो सहयोगियों मनोज साहू और उमेश को भी गिरफ्तार किया गया। इन तीनों को मेरठ लाकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में गौतमबुद्धनगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। जीएसटी टीम ने मंगलवार रात 11 बजे रचित गुप्ता के बदायूं स्थित आवास पर छापा मारा, जहां उन्होंने कंप्यूटर रिकार्ड, कर संबंधी फाइलें और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की। जांच में पता चला कि रचित गुप्ता के नियंत्रण में 12 अवैध एफएफएस मशीनें चल रही थीं, जिनका संचालन मनोज साहू और उमेश कर रहे थे। इन मशीनों के माध्यम से फरवरी से जून 2026 के बीच बिना किसी पंजीकरण के करीब 218 करोड़ रुपये की राजस्व हानि हुई है। छापेमारी के दौरान टीम ने 410 किलो कटी हुई सुपारी और कई ब्रांड के तैयार माल और पाउच भी बरामद किए।
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ हेल्थ सिक्योरिटी और नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। रचित गुप्ता, जो पान मसाला और पेट्रोल पंप के बड़े कारोबारी हैं, हाल ही में सपा के जिला कोषाध्यक्ष बने थे। उन्हें सपा मुखिया के चाचा शिवपाल सिंह यादव और बदायूं के सांसद आदित्य यादव का करीबी माना जाता है। रचित गुप्ता ने पहले दातागंज विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था, लेकिन बाद में उन्होंने सपा का दामन थाम लिया। उनकी सैफई परिवार के साथ नजदीकियों के कारण उनकी राजनीतिक स्थिति में बदलाव आया।
















