Indian Drone to be Deployed at PAK Border: ईरानी शाहेद मॉडल पर बना इंडियन ड्रोन PAK बॉर्डर पर होगा तैनात, एक्सपोर्ट भी होगा

भारत की रक्षा कंपनी ig डिफेंस ने अपने स्वदेशी काल ड्रोन के निर्यात की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने बताया है कि भारत सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस ड्रोन को म
भारत की रक्षा कंपनी IG डिफेंस ने अपने स्वदेशी काल ड्रोन के निर्यात की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने बताया है कि भारत सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस ड्रोन को मित्र देशों को बेचा जा सकता है। काल को भारत का पहला 1000 किलोमीटर तक मार करने वाला स्वदेशी वन-वे अटैक ड्रोन बताया जा रहा है। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और कई देश लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन खरीदने पर जोर दे रहे हैं। कंपनी के अनुसार, काल को पूरी तरह से भारत में डिजाइन और विकसित किया गया है। इसे दुश्मन के क्षेत्र में दूर स्थित महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले के लिए बनाया गया है। कंपनी का कहना है कि यह ड्रोन कम लागत में लंबी दूरी तक सटीक हमला कर सकता है। इसे विदेशों में बेचने से पहले भारत सरकार की मंजूरी लेना आवश्यक होगा। इसकी तैनाती पड़ोसी देशों की सीमाओं पर भी की जाएगी।
दुनिया के कई देशों में अब ऐसे ड्रोन की मांग तेजी से बढ़ रही है। हाल के युद्धों में इनका उपयोग बढ़ा है, जिसके बाद कई देश अपनी सेनाओं के लिए ऐसे सिस्टम खरीदने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। IG डिफेंस का कहना है कि भारत भी इस क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाना चाहता है। कंपनी के अनुसार, काल की सबसे बड़ी ताकत इसकी लंबी रेंज है। यह ड्रोन 1000 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है और 7 से 8 घंटे तक लगातार हवा में रह सकता है। यह 50 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है, जिसका अर्थ है कि इसमें हथियार या मिशन के अनुसार आवश्यक सामान लगाया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि इसमें ऑटोमैटिक नेविगेशन और सटीक निशाना लगाने वाला सिस्टम दिया गया है, जिससे यह निर्धारित लक्ष्य तक पहुंच सकता है। ऐसे ड्रोन का उपयोग उन मिशनों में किया जाता है, जहां सैनिकों को खतरे में डाले बिना दूर से हमला करना हो।
















