Mathura News: जिला पंचायत अध्यक्ष के आश्वासन पर माने संविदाकर्मी

मथुरा में संविदा पर तैनात विद्युतकर्मी की करंट लगने से हुई मौत के बाद बुधवार को संविदा कर्मचारियों ने कैंट बिजली घर पर धरना दिया। इस धरने के दौरान कर्मचारियों न
मथुरा में संविदा पर तैनात विद्युतकर्मी की करंट लगने से हुई मौत के बाद बुधवार को संविदा कर्मचारियों ने कैंट बिजली घर पर धरना दिया। इस धरने के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। मृतक विद्युतकर्मी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कर्मचारियों ने विभाग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने मांग की कि सभी कर्मचारियों के कार्य को स्पष्ट किया जाए और उन्हें पर्याप्त स्टाफ, टूल्स और सेफ्टी किट उपलब्ध कराई जाए। धरने के चलते कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई और अपनी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस आंदोलन की सूचना मिलने पर जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा और कर्मचारियों को सुरक्षा के बेहतर उपायों के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
धरने के दौरान आम आदमी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश भारद्वाज भी पहुंचे और उन्होंने संविदा कर्मी दीपक की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने प्रदेश सरकार से मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। रवि प्रकाश ने यह भी कहा कि संविदा कर्मियों के मांगपत्र का समर्थन करते हुए उन्होंने सरकार से उचित कार्रवाई की अपेक्षा की। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष राकेश अग्रवाल और महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष निर्मल शर्मा भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर संविदा कर्मचारियों के हक के लिए आवाज उठाई और उनकी मांगों को उचित ठहराया।
इस धरने ने मथुरा में संविदा कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी सुरक्षा और अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया, लेकिन कर्मचारियों ने यह भी कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी आवाज उठाते रहेंगे। यह घटना मथुरा में संविदा कर्मचारियों की स्थिति को उजागर करती है और यह दर्शाती है कि उन्हें अपनी सुरक्षा और अधिकारों के लिए एकजुट होकर लड़ने की आवश्यकता है।
















