Parliament Monsoon Session: विपक्ष का केंद्र को घेरने का प्रयास जारी

नई दिल्ली में संसद का मानसून सत्र आज से अपने तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर रहा है। पहले दो हफ्तों में संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा देखने को मिला। पहले हफ्ते
नई दिल्ली में संसद का मानसून सत्र आज से अपने तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर रहा है। पहले दो हफ्तों में संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा देखने को मिला। पहले हफ्ते में छात्र आंदोलनों की गूंज संसद के भीतर भी सुनाई दी, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही लगभग ठप रही। विपक्ष ने इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे कोई भी महत्वपूर्ण विधायी कार्य संपन्न नहीं हो सका। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया कि विपक्ष सरकार को घेरने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप, सरकार को अपनी योजनाओं को लागू करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
दूसरे हफ्ते में राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव आया जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ गतिरोध बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन अन्य विपक्षी दलों ने सरकार का समर्थन किया। इस स्थिति का लाभ उठाते हुए सरकार ने हंगामे के बीच ही दो महत्वपूर्ण विधेयक, 'पेपर लीक रोधी विधेयक' और 'वंदे मातरम से जुड़ा विधेयक', पारित करवा लिए। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि संसद का गतिरोध समाप्त होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब कांग्रेस पार्टी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
















