Rights of Mother-in-law in Daughter-in-law's House: बहू के निजी मकान में सास को भी रहने का अधिकार

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि बहू ने अपना मकान अपनी कमाई से
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि बहू ने अपना मकान अपनी कमाई से खरीदा है, तब भी उसकी सास को उस घर में रहने का अधिकार है, बशर्ते वह बहू के साथ साझा गृहस्थी में रह रही हो। न्यायाधीश राकेश कैंथला ने बहू की याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें सास के संयुक्त कब्जे को बहाल करने का आदेश दिया गया था। बहू ने अदालत में यह दलील दी थी कि उसकी सास उसके खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज नहीं करवा सकती और न ही वह उसके स्वामित्व वाले मकान पर रहने का दावा कर सकती है। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को अस्वीकार कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि साझा गृहस्थी वह स्थान है, जहां दोनों पक्ष कभी भी एक साथ घरेलू रिश्ते में रहे हों। इस मामले में यह महत्वपूर्ण नहीं है कि संपत्ति का मालिकाना हक किसके नाम पर है। घरेलू रिश्ते में रहने वाली हर महिला, चाहे वह बेटी, बहन, पत्नी, बहू या सास हो, उसे साझा गृहस्थी में रहने का कानूनी अधिकार प्राप्त है। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता (बहू) किसी तीसरे व्यक्ति को किरायेदार बनाकर अपनी सास को घर से बेदखल नहीं कर सकती। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सास को पुनः घर में कब्जा दिलाने के फैसले को न्यायसंगत ठहराया।
यह मामला मंडी जिले के रामनगर की एक महिला से संबंधित है, जिनके बेटे और याचिकाकर्ता बहू का विवाह मई 2013 में हुआ था। प्रारंभ में, सभी एक साथ रह रहे थे, लेकिन वर्ष 2024 में पारिवारिक विवाद उत्पन्न हुआ। बहू का दावा था कि उसने यह जमीन अपनी निजी कमाई से खरीदी और उस पर मकान बनाया। उसने अपनी सास और ससुर को मकान में लाइसेंसी तौर पर रखा था। विवाद बढ़ने पर बहू ने मकान में एक तीसरे व्यक्ति को किरायेदार बना लिया और सात नवंबर 2025 को सास-ससुर को घर से बेदखल कर दिया। इसके खिलाफ सास ने घरेलू हिंसा कानून के तहत अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इस निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परिवार के सदस्यों के बीच अधिकारों का संरक्षण कैसे किया जा सकता है।
















