Supreme Court Battle: IIT छात्रा ने NEET प्रदर्शन के मामले में याचिका दायर की

neet यूजी परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में iit पटना की छात्रा तोशिवा यादव घा
NEET यूजी परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में IIT पटना की छात्रा तोशिवा यादव घायल हो गई थीं। इस घटना के बाद तोशिवा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि पूरे देश में पुलिस की कार्रवाई के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई जाए। उनका कहना है कि इससे प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को नियंत्रित किया जा सकेगा और इससे घायल हुए लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा भी मिल सकेगी। तोशिवा ने यह भी कहा है कि पुलिसकर्मियों की वर्दी पर नेम बैज अनिवार्य होना चाहिए, ताकि प्रदर्शन के दौरान उनकी पहचान की जा सके। यह याचिका उन घटनाओं के संदर्भ में दायर की गई है, जब प्रदर्शनकारियों को पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा और कई लोग घायल हुए।
तोशिवा यादव ने अपनी याचिका में यह भी उल्लेख किया है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। अब इस मामले में दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की तारीख तीन अगस्त तय की है। तोशिवा, जो कि 27 वर्ष की हैं, ने 20 जुलाई को जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में भाग लिया था, जहां उन्हें पुलिस की कार्रवाई के दौरान चोटें आईं। उनकी याचिका में यह मांग की गई है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए एक समान प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
दिल्ली के जंतर मंतर पर हुई पुलिस की कार्रवाई को लेकर देशभर में कई सवाल उठाए जा रहे हैं। इस घटना के बाद सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली पुलिस का समर्थन किया है। यह मामला न केवल तोशिवा के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, जहां प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और उसके मानकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। तोशिवा की याचिका से यह स्पष्ट होता है कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक ठोस ढांचे की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
















