Supreme Court Denies Petition: ST क्षेत्रों में नगरपालिकाएं बनाने की मांग पर विचार नहीं किया

नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में शहरी इलाकों में नगरपालिकाएं बनाने के निर्देश देने की मांग वाली या
नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में शहरी इलाकों में नगरपालिकाएं बनाने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह मामला विधायी अधिकार क्षेत्र में आता है और इसे संबंधित मंत्रालय के माध्यम से ही आगे बढ़ाया जा सकता है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने सांसद राजकुमार रोत को सलाह दी कि वे इस मुद्दे को लोकसभा में 'प्राइवेट मेंबर बिल' के माध्यम से उठाएं। यह सुझाव सांसद के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश है, जिससे वह इस मुद्दे को अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ा सकते हैं।
सांसद राजकुमार रोत ने अपनी याचिका में उल्लेख किया कि तेजी से हो रहे शहरीकरण और जनसंख्या में बदलाव के कारण अनुसूचित क्षेत्रों में बसी कई बस्तियों का स्वरूप बदल गया है। उन्होंने कहा कि इन बस्तियों का विकास नगरपालिकाओं के प्रशासन के दायरे से बाहर है, जिससे स्थानीय निवासियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि इन बस्तियों को नगरपालिका प्रशासन के अंतर्गत लाने की आवश्यकता है ताकि स्थानीय निवासियों को बेहतर सेवाएं और सुविधाएं मिल सकें।















