तेलंगाना में मतदाता सूची संशोधन: परिवार प्रमाणपत्र पर चुनाव आयोग की स्पष्टता

तेलंगाना में मतदाता सूची के संशोधन को लेकर चुनाव आयोग ने परिवार प्रमाणपत्र के संबंध में स्पष्टता प्रदान की है। आयोग ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जारी किया जा रहा यह प्रमाणपत्र, जो राशन कार्ड (आहार स
तेलंगाना में मतदाता सूची के संशोधन को लेकर चुनाव आयोग ने परिवार प्रमाणपत्र के संबंध में स्पष्टता प्रदान की है। आयोग ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जारी किया जा रहा यह प्रमाणपत्र, जो राशन कार्ड (आहार सुरक्षा कार्ड) के डेटा के आधार पर है, राशन कार्ड के समान नहीं है। चुनाव आयोग ने अपनी व्याख्या में कहा है कि मतदाता सूची की जांच प्रक्रिया में राशन कार्ड को एक मान्यता प्राप्त दस्तावेज के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है, इसलिए परिवार प्रमाणपत्र को भी मान्यता नहीं दी जा सकती।
राज्य सरकार ने 25 जुलाई को आदेश जारी किया था कि परिवार रजिस्टर प्रमाणपत्रों को मीसेवा केंद्रों के माध्यम से जारी किया जाए। इस आदेश के बाद, परिवार के मुखिया, सदस्यों के नाम, उम्र, पता और आधार विवरण सहित परिवार रजिस्टर प्रमाणपत्र का उपयोग मतदाता सूची के संशोधन में किया जा सकता है, ऐसा पहले प्रचारित किया गया था।
इस प्रचार के चलते, राज्यभर में लगभग 6 लाख लोगों ने इन प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन किया। हालांकि, चुनाव आयोग की इस नई घोषणा ने उन सभी आवेदकों को निराश किया है, जो परिवार प्रमाणपत्र के माध्यम से अपनी पहचान स्थापित करने की उम्मीद कर रहे थे।
चुनाव आयोग की इस स्पष्टता से यह भी संकेत मिलता है कि मतदाता सूची में संशोधन के लिए केवल मान्यता प्राप्त दस्तावेजों का ही उपयोग किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि मतदाता सूची में केवल सही और वैध जानकारी ही शामिल हो।
















