Tight stance on infiltrators: घुसपैठियों को खिला या रख नहीं सकते, सबको वापस भेजेंगे, CM शुभेंदु अधिकारी की दो टूक

भारत सरकार ने घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त करते हुए
भारत सरकार ने घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त करते हुए कहा है कि उनकी सरकार राज्य में एक भी अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए को नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि जो लोग बांग्लादेश से भारत में अवैध रूप से प्रवेश कर चुके हैं, उन्हें वापस भेजा जाएगा। इसके लिए उनकी सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आने वाले समय में सभी घुसपैठियों की पहचान की जाएगी और उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक अंजाम दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार के समय हुई गलतियों से सीख लेते हुए, इस बार कोई गलती नहीं की जाएगी। उदाहरण के लिए, उन्होंने बीरभूम में हुई घटना का उल्लेख किया, जब एक भारतीय नागरिक को गलती से बांग्लादेश भेज दिया गया था।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि उनके राज्य में दो प्रकार के लोग हैं - एक घुसपैठिए और दूसरे शरणार्थी। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का हवाला देते हुए कहा कि जिन समुदायों का इसमें उल्लेख है, जैसे हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, पारसी और बौद्ध, वे अवैध घुसपैठियों की श्रेणी में नहीं आते हैं। बल्कि, वे शरणार्थियों के रूप में माने जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग धर्म के आधार पर अपनी जान बचाने के लिए बांग्लादेश से भारत आए हैं, उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस प्रकार, मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि उनकी सरकार केवल अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
















