Trump's Return to Old Policies?: यूक्रेन वॉर से दूरी, ईरान पर अटैक क्या अमेरिका की पुरानी पॉलिसी पर लौटे ट्रंप?

पहले और दूसरे विश्व युद्धों में अमेरिका ने खुद को अलग रखा था, ताकि अपनी शक्ति का सही इस्तेमाल कर सके। यूक्रेन युद्ध के मामले में अमेरिका ने शुरुआत से ही सक्रियत
पहले और दूसरे विश्व युद्धों में अमेरिका ने खुद को अलग रखा था, ताकि अपनी शक्ति का सही इस्तेमाल कर सके। यूक्रेन युद्ध के मामले में अमेरिका ने शुरुआत से ही सक्रियता दिखाई है। क्या डोनाल्ड ट्रंप अपनी शांति की बातों के जरिए अमेरिका की पुरानी रणनीति को फिर से अमल में लाना चाहते हैं?
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद को एंटी वॉर यानी युद्धविरोधी बताते हैं। यही वजह है कि वे यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए सभी उपाय कर रहे हैं, लेकिन पश्चिम एशिया में उनकी नीति आक्रामक है। ट्रंप ने पनामा की नहर और डेनमार्क से ग्रीनलैंड छीनने की धमकी भी दी है। उनकी इस दोहरी नीति का क्या मतलब है?
यूरोपीय संघ और नाटो के सहयोगियों को ट्रंप की नीयत पर शक है। वे जानते हैं कि बिना यूरोपीय संघ के सहयोग के यूक्रेन युद्ध खत्म नहीं होगा, फिर भी ट्रंप अपने पुराने सहयोगियों की अनदेखी क्यों कर रहे हैं? जब ट्रंप ने एक बार फिर राष्ट्रपति बनने के लिए चुनावी मैदान में कदम रखा, तब तक यूक्रेन युद्ध का मैदान बन चुका था। 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के दो हफ्ते बाद, ट्रंप ने खुद को शांति दूत के रूप में पेश किया।
अमेरिका में चुनाव प्रचार और यूक्रेन में युद्ध की स्थिति एक साथ बढ़ रही थी। ट्रंप ने इस युद्ध को राष्ट्रपति जो बाइडेन की सबसे बड़ी नाकामी बताया और दुनिया को आगाह किया कि तीसरा विश्व युद्ध सिर पर है, जिसे केवल वे ही रोक सकते हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद भी ट्रंप ने दिखाया कि वे यूक्रेन या किसी भी युद्ध के खिलाफ हैं।














