Wild Animal Attack Suspected: बागेश्वर के जंगल में महिला की मौत, चेहरे और सिर पर गंभीर चोटों के निशान

बागेश्वर जिले के कांडा तहसील क्षेत्र के बाझीरौट, खड़खेत गांव के जंगल में मंगलवार को एक 48 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला का नाम कमला
बागेश्वर जिले के कांडा तहसील क्षेत्र के बाझीरौट, खड़खेत गांव के जंगल में मंगलवार को एक 48 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला का नाम कमला देवी था, जो मवेशियों को चराने गई थी। घटना के समय उनके चेहरे और सिर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत गुलदार के हमले के कारण हुई हो सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना के बाद एक गुलदार को मौके से भागते हुए देखा, जिससे पुलिस और वन विभाग ने इसे प्रथम दृष्टा गुलदार का हमला मान लिया है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार, कमला देवी अपने पति पूरन राम के साथ गांव के 19 परिवारों के मवेशियों को चराने जंगल गई थीं। अचानक कमला देवी की चीख सुनाई दी, जिसके बाद उनके पति और पास में बकरियां चरा रहे पंकज राम मौके पर पहुंचे। उन्होंने कमला देवी को लहूलुहान अवस्था में पाया और उसी समय एक गुलदार को नीचे की ओर भागते हुए देखा। घटना के समय क्षेत्र में तेज बारिश और घना कोहरा था, जिससे गुलदार कुछ ही देर में ओझल हो गया। घटना की सूचना क्षेत्र पंचायत सदस्य भगवान भंडारी ने पुलिस को दी, जिसके बाद ग्राम प्रधान प्रकाश राम और थाना प्रभारी बलवंत कंबोज पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
कमला देवी अपने पीछे पति और चार बच्चों का परिवार छोड़ गई हैं। उनके बड़े पुत्र बबलू कुमार का विवाह हो चुका है और वह परिवार के साथ बाहर रहता है। दो पुत्रियों का विवाह भी हो चुका है, जबकि 23 वर्षीय पुत्र पुष्पेश कुमार अविवाहित है। कमला देवी का मायका पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र के लोहाथल गांव में है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी बलवंत कंबोज ने बताया कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। वन विभाग भी मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न ने कहा कि यह एक दु:खद घटना है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
















