Service Sector Slowdown: भारत के सर्विस सेक्टर में सुस्ती, ग्रोथ 53 महीनों के निचले स्तर पर

भारत के सर्विस सेक्टर की गति जुलाई 2026 में धीमी पड़ गई है। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स (pmi index) के अनुसार, जून में यह सूचकांक 57.4 पर
भारत के सर्विस सेक्टर की गति जुलाई 2026 में धीमी पड़ गई है। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स (PMI Index) के अनुसार, जून में यह सूचकांक 57.4 पर था, जो जुलाई में घटकर 53.3 पर आ गया। यह आंकड़ा पिछले 53 महीनों का सबसे निचला स्तर है। हालांकि, सूचकांक 50 के ऊपर बना हुआ है, जिसका अर्थ है कि सेक्टर में विस्तार जारी है, लेकिन इसकी गति पहले की तुलना में कमजोर हुई है। भारत का सर्विस सेक्टर अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें वस्तुओं का उत्पादन नहीं, बल्कि सेवाएं प्रदान की जाती हैं। यह भारत की GDP में सबसे बड़ा योगदान देने वाला क्षेत्र है, जिसमें लगभग 55-60% हिस्सा इसी से आता है। इस प्रकार, सर्विस सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में कार्य करता है। इसमें कंज्यूमर सर्विस, बिजनेस सर्विस, फाइनेंशियल सर्विस, आईटी और टेलिकॉम सर्विस, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सर्विस तथा रियल एस्टेट से संबंधित सेवाएं शामिल हैं। दुनिया के सर्विस सेक्टर में भारत की हिस्सेदारी 4.30% से अधिक है और सर्विस एक्सपोर्ट के मामले में भारत का स्थान दुनिया में 7वां है। यदि सर्विस सेक्टर का इंडेक्स 50 से ऊपर रहता है, तो इसे कारोबार में विस्तार माना जाता है, जबकि 50 से नीचे आने पर गिरावट का संकेत मिलता है।
एसएंडपी ग्लोबल द्वारा किए गए एक सर्वे में लगभग 400 सर्विस सेक्टर कंपनियों का डेटा शामिल है, जिसमें घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में नए कारोबार की गति कमजोर पाई गई है। इसकी मुख्य वजह कमजोर मांग, नए ऑर्डर में सुस्ती और बढ़ती प्रतिस्पर्धा है। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि कई महीनों की मजबूत वृद्धि के बाद जुलाई में सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में कमी आई है। उनका कहना है कि घरेलू और विदेशी बाजारों में नए ऑर्डर की कमी का असर कारोबार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जुलाई में नए कारोबार की वृद्धि फरवरी 2022 के बाद सबसे धीमी रही। कंपनियों ने बताया कि कमजोर मांग और प्रतिस्पर्धा के कारण नए ऑर्डर उम्मीद से कम मिले हैं, जिसके चलते कारोबारी गतिविधि 53 महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गई।



















