Tragic End of Life in Womb: अलीगढ़ में 8.5 महीने के गर्भपात मामले में डॉक्टर समेत 4 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक नाबालिग युवती का अवैध गर्भपात कराया गया। गौंडा थाना क्षेत्र में साढ़े आठ महीने
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक नाबालिग युवती का अवैध गर्भपात कराया गया। गौंडा थाना क्षेत्र में साढ़े आठ महीने की गर्भवती युवती के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, युवती गर्भवती हुई थी और जब गर्भ का समय लगभग समाप्त होने वाला था, तो परिवार ने सामाजिक बदनामी के डर से अवैध गर्भपात कराने का निर्णय लिया। परिवार ने इगलास स्थित एक निजी अस्पताल से संपर्क किया और वहां अवैध रूप से प्रसव कराया गया।
आरोपियों ने नवजात शिशु के शव को नहर किनारे दफनाने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस को इस घटना की सूचना मिल गई और क्षेत्राधिकारी कमलेश कुमार ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर दफनाए गए शव को बाहर निकाला, जिससे वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी भावुक हो गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
जांच के दौरान इगलास के निजी अस्पताल की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अस्पताल के पंजीकरण और वैधता की जांच कर रही है। अवैध अस्पताल चलाने के लिए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट और आईपीसी की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों में संतोषी, सचिन, अस्पताल संचालक ईशान और डॉक्टर भावना शामिल हैं। सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।



















