2017 Violence Case: बगीचा सिंह को मिली जमानत, कड़ी शर्तें लागू

पंचकूला में 2017 में डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह के खिलाफ हुई हिंसा के मामले में आरोपी बगीचा सिंह को आखिरकार जमानत मिल गई है। 50 वर्षीय बगीचा सिंह, जो सिरसा का निवा
पंचकूला में 2017 में डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह के खिलाफ हुई हिंसा के मामले में आरोपी बगीचा सिंह को आखिरकार जमानत मिल गई है। 50 वर्षीय बगीचा सिंह, जो सिरसा का निवासी है, लगभग 10 महीने तक अदालत में गैरहाजिर रहा। पंचकूला जिला अदालत ने यह निर्णय लिया है कि उसे कड़ी शर्तों के साथ जमानत दी जाएगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, लेकिन मुकदमे की धीमी प्रगति और उसके आत्मसमर्पण को ध्यान में रखते हुए उसे एक और मौका दिया गया है। अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी भविष्य में किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है, तो उसकी जमानत तुरंत रद्द कर दी जाएगी। यह मामला 25 अगस्त 2017 को सेक्टर-5 थाना में दर्ज किया गया था, जिसमें बगीचा सिंह पर दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, हत्या के प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है।
बगीचा सिंह पहले भी जमानत पर था, लेकिन 19 सितंबर 2025 को अदालत में पेश नहीं होने के कारण उसकी जमानत रद्द कर दी गई थी और उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुए थे। इसके बाद, उसने 10 जुलाई 2026 को अदालत में आत्मसमर्पण किया और तब से वह जेल में था। सुनवाई के दौरान, आरोपी ने अदालत को बताया कि उसने गलती से अगली तारीख 19 सितंबर के बजाय 29 सितंबर लिख ली थी, इसलिए वह अदालत नहीं पहुंच सका। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने कहा कि आरोपी जानबूझकर गैरहाजिर रहा और मुकदमे में देरी करता रहा, इसलिए उसे दोबारा जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
















