Shooting incident in Adityapur: भाजपा नेता सिंटू गोराई और विक्की पांडेय समेत 9 फरार, तलाश में जुटी पुलिस

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में होटल संचालक विशाल गोराई पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में होटल संचालक विशाल गोराई पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने पीड़ित के बयान पर भाजपा नेता एवं बजरंग दल से जुड़े सिंटू गोराई और स्क्रैप व बालू कारोबारी विक्की पांडेय समेत नौ लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस की विशेष टीम सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, हालांकि फिलहाल सभी नामजद आरोपी फरार हैं। मूल रूप से काशीडीह निवासी और गोराई होटल के संचालक विशाल गोराई मंगलवार रात करीब 10 बजे अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान गम्हरिया रेलवे अंडरपास (मिट्टीपुलिया) के समीप पहले से घात लगाए करीब आठ से दस अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में एक गोली विशाल की कमर में जा लगी, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस को दिए बयान में घायल विशाल ने बताया कि स्क्रैप के अवैध कारोबार में वर्चस्व, कमीशन और रंगदारी को लेकर आरोपियों से उनका लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना से कुछ दिन पहले भी उन्हें खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस रिकार्ड के अनुसार, विशाल गोराई, विक्की पांडेय और सिंटू गोराई पहले बेहद करीबी दोस्त हुआ करते थे। लेकिन अवैध स्क्रैप व बालू के कारोबार में वर्चस्व की जंग ने इनके बीच गहरी दुश्मनी पैदा कर दी। इस मामले के सभी मुख्य किरदारों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। घायल विशाल गोराई हाल ही में स्क्रैप चोरी के एक मामले में जेल से छूटा था, जबकि मुख्य आरोपी विक्की पांडेय भी कुछ समय पहले ही जेल से बाहर आया है। वहीं, सिंटू गोराई का नाम भी अवैध बालू व निर्माण सामग्री के अवैध कारोबार से जुड़ता रहा है। पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। फारेंसिक टीम इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या गोली विशाल की अपनी ही पिस्टल से तो नहीं चली थी।
















