Barrier-Free Park in Haryana: हांसी में बनेगा पहला 'बैरियर फ्री' पार्क, दिव्यांगों और बुजुर्गों को मिलेंगी खास सुविधा

हांसी शहर में एक अनोखा पार्क बनने जा रहा है, जो दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पूरी तरह से 'बैरियर फ्री' होगा। नगर परिषद ने महात्मा ज्योतिबा फुले पार्क
हांसी शहर में एक अनोखा पार्क बनने जा रहा है, जो दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पूरी तरह से 'बैरियर फ्री' होगा। नगर परिषद ने महात्मा ज्योतिबा फुले पार्क को समावेशी सुविधाओं से लैस करने की योजना बनाई है, जिससे किसी भी शारीरिक कमजोरी के बावजूद लोग पार्क का आनंद ले सकें। इस विशेष पार्क के निर्माण पर लगभग 45 लाख रुपये की लागत आएगी और इसका टेंडर आवंटित किया जा चुका है। कार्यदायी एजेंसी ने उपकरणों और अन्य सामग्री का निर्माण शुरू कर दिया है। जैसे ही सामग्री पार्क में पहुंचेगी, स्थापना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह पार्क केवल हरियाली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां ऐसे रास्ते, व्यायाम उपकरण और खेल सामग्री होगी, जिन्हें दिव्यांगजन और बुजुर्ग बिना किसी सहारे के इस्तेमाल कर सकेंगे। नगर परिषद इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित कर रही है, और यदि यह सफल रहा, तो भविष्य में शहर के अन्य पार्कों को भी इसी तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
नगर परिषद के अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय से ऐसे सार्वजनिक स्थान की आवश्यकता थी, जहां हर आयु और हर क्षमता का व्यक्ति बिना किसी बाधा के समय बिता सके। हांसी शहर में नगर परिषद, नगर सुधार मंडल और एचएसवीपी के अंतर्गत लगभग 27 पार्क हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश सामान्य डिजाइन पर बने हैं। ऊंचे फुटपाथ, सीढ़ियां, संकरे रास्ते और अनुपयुक्त खेल उपकरणों के कारण दिव्यांगजन और बुजुर्ग इनका पूरा लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे में नगर परिषद ने पहली बार समाज के इस वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष पार्क विकसित करने की योजना बनाई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के पार्क दिव्यांग बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता को भी मजबूत करते हैं।
















