Corruption crackdown in Bihar: हर डेढ़ दिन में एक भ्रष्ट अधिकारी पर FIR दर्ज

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। निगरानी ब्यूरो ने अब औसतन हर डेढ़ दिन में किसी न किसी भ्रष्ट लोकस
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। निगरानी ब्यूरो ने अब औसतन हर डेढ़ दिन में किसी न किसी भ्रष्ट लोकसेवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। यह पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी और तेज है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018 से 2024 के बीच निगरानी ब्यूरो औसतन 50 मामले प्रतिवर्ष दर्ज करता था, जिसमें चार से छह दिन में एक एफआईआर होती थी। लेकिन वर्ष 2025 में, 236 कार्य दिवसों में 122 मामले दर्ज किए गए, जिससे कार्रवाई का औसत लगभग दो दिन पर पहुंच गया। यह बदलाव दर्शाता है कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने संकल्प को गंभीरता से ले रही है।
निगरानी ब्यूरो की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किया गया है। जनवरी से जुलाई तक 129 कार्य दिवसों में 80 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसका मतलब है कि औसतन हर 1.5 दिन में एक भ्रष्ट अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वर्ष के पांच महीने अभी बाकी हैं, जिससे मामलों की संख्या में और वृद्धि की संभावना है। यह स्पष्ट है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की गति बढ़ने का मुख्य कारण शिकायत से लेकर एफआईआर और गिरफ्तारी तक की प्रक्रिया को सरल बनाना है।
















