National Sports Tribunal: खिलाड़ियों के लिए राहत, अब अदालतों का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा

प्रयागराज से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है जिसमें भारतीय खिलाड़ियों को अब खेल विवादों के समाधान के लिए अदालतों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। 'नेशनल स्पोर्ट्स ट्र
प्रयागराज से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है जिसमें भारतीय खिलाड़ियों को अब खेल विवादों के समाधान के लिए अदालतों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। 'नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल' (एनएसटी) के गठन के साथ ही खेल विवादों का समाधान तेजी से होगा और खेल संघों में पारदर्शिता बढ़ेगी। यह जानकारी प्रयागराज के करेली स्थित ठाकुर हरनारायण सिंह डिग्री कॉलेज के सभागार में आयोजित 'भारतीय खेल सृष्टि में न्याय की दृष्टि' विषय पर राष्ट्रीय संवाद के दौरान दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित ने की, जिन्होंने कहा कि यह नई व्यवस्था भारतीय खेल जगत को अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाएगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मद्रास और पटना हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप शाही ने बताया कि एक्ट-2025 के तहत बने ट्रिब्यूनल से खिलाड़ियों को त्वरित न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब सामान्य सिविल अदालतों की जगह इस ट्रिब्यूनल में खिलाड़ियों के मामलों की सुनवाई होगी, जिससे खिलाड़ियों को न्याय पाने में कोई कठिनाई नहीं होगी। साई के पूर्व उप महानिदेशक सत्यजीत सांकृत ने भी इस नई व्यवस्था की सराहना की और कहा कि अब प्रशासनिक गड़बड़ियों का नुकसान प्रतिभावान खिलाड़ियों को नहीं उठाना पड़ेगा।
















