Chandauli News: डीलक्स शौचालय में यात्रियों की मजबूरी पर वसूली, निशुल्क यूरिनल के भी वसूल रहे 10 रुपये

पीडीडीयू नगर। पीडीडीयू जंक्शन, जिसे वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, वहां यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सर्
पीडीडीयू नगर। पीडीडीयू जंक्शन, जिसे वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, वहां यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सर्कुलेटिंग एरिया में स्थित सार्वजनिक यूरिनल को सड़क चौड़ीकरण के दौरान ध्वस्त कर दिया गया है, जिसके कारण यात्रियों के पास केवल डीलक्स शौचालय का विकल्प बचा है। यहां पर यूरिनल की सुविधा निशुल्क होने के बावजूद प्रति यात्री 10 रुपये वसूले जा रहे हैं। जो यात्री इस शुल्क का भुगतान नहीं कर पाते, उन्हें वहां से भगा दिया जाता है। अमर उजाला के एक स्टिंग ऑपरेशन में वहां के कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि पैसे नहीं दिए जाएंगे तो क्या सब कुछ मुफ्त कर दिया जाएगा। पीडीडीयू जंक्शन को करोड़ों रुपये खर्च कर विश्वस्तरीय बनाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन वास्तविकता यह है कि यात्रियों को यूनिरल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। प्रतिदिन लगभग 25 से 30 हजार यात्रियों की आवाजाही वाले इस जंक्शन के बाहर एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान सर्कुलेटिंग एरिया का सार्वजनिक यूरिनल ध्वस्त कर दिया गया है, जबकि यात्री प्रतीक्षालय और प्लेटफॉर्म संख्या दो पर स्थित पे-एंड-यूज शौचालय लंबे समय से बंद पड़े हैं।
डीलक्स शौचालय में अवैध वसूली की जा रही है। यहां पर यूरिनल के लिए 10 रुपये की वसूली की जा रही है, जबकि इस शुल्क का उल्लेख रेट बोर्ड पर नहीं किया गया है। सर्कुलेटिंग एरिया में कहीं भी यूनिरल न होने के कारण यात्री मजबूरी में डीलक्स शौचालय का सहारा ले रहे हैं। संवाददाता जब एक यात्री बनकर यूरिनल में जाने लगे, तो काउंटर पर बैठे स्टाफ ने उन्हें रोक दिया और कहा कि 10 रुपये देकर जाना होगा। जब संवाददाता ने कहा कि यूरिनल तो निशुल्क है, तो स्टाफ ने जवाब दिया कि नहीं, इसके लिए भी पैसे देने होंगे। यह स्थिति यात्रियों के लिए अत्यंत निराशाजनक है, क्योंकि उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए भी पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।
















