Changes in MLA Fund in UP: विधायक निधि में बदलाव की तैयारी, बढ़ेगा चिकित्सा सहायता राशि का दायरा

उत्तर प्रदेश में विधायक निधि योजना के दिशा-निर्देशों में बदलाव की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। विधान सभा सचिवालय ने इस संबंध में 11 सदस्यीय 'विधायक निधि योजना दिग्द
उत्तर प्रदेश में विधायक निधि योजना के दिशा-निर्देशों में बदलाव की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। विधान सभा सचिवालय ने इस संबंध में 11 सदस्यीय 'विधायक निधि योजना दिग्दर्शिका समिति' का गठन किया है। इस समिति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ-साथ समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) और अपना दल (सोनेलाल) के विधायक भी शामिल हैं। यह समिति मौजूदा नियमों की समीक्षा करेगी और आवश्यक संशोधनों के लिए विभाग को सुझाव देगी। समिति की पहली बैठक शनिवार, एक अगस्त को विधान भवन में आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में विधायक निधि से दी जाने वाली चिकित्सा सहायता राशि के दायरे को बढ़ाने पर भी चर्चा की जा सकती है।
विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर विधायक निधि योजना के दिशा-निर्देशों में आवश्यक संशोधन के लिए गठित समिति की बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को समिति के समक्ष प्राप्त होने वाले सुझावों पर विभागीय, तकनीकी और विधिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। इससे विधायक निधि योजना के दिशा-निर्देशों में व्यावहारिक और प्रभावी संशोधन संभव हो सकेंगे। वर्तमान में विधायक निधि के तहत प्रति वर्ष पांच करोड़ रुपये मिलते हैं, जिसमें से 90 लाख रुपये जीएसटी में चला जाता है। विधायक लंबे समय से जीएसटी को विधायक निधि से हटाने की मांग कर रहे हैं।
















