CJP Movement Analysis: ABVP कार्यक्रम में बोले RSS के अतुल लिमये

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संयुक्त महासचिव अतुल लिमये ने हाल ही में 'कॉकरोच जनता पार्टी (cjp) आंदोलन' के संदर्भ में देश के युवाओं को गहराई
डिजिटल डेस्क, मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संयुक्त महासचिव अतुल लिमये ने हाल ही में 'कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आंदोलन' के संदर्भ में देश के युवाओं को गहराई से अध्ययन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। लिमये ने यह भी बताया कि वर्तमान समय में राष्ट्रीय दृष्टिकोण से काम करने वाले संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के एक कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए CJP विरोध प्रदर्शन के बारे में चर्चा की। उन्होंने युवाओं को यह समझाने का प्रयास किया कि किसी भी आंदोलन को केवल एक तात्कालिक घटना के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि उसके पीछे की पूरी प्रक्रिया, कार्यप्रणाली, समर्थन प्रणाली और वैचारिक पृष्ठभूमि को समझना आवश्यक है।
अतुल लिमये ने कहा कि CJP से जुड़े आंदोलन के उभरने से यह स्पष्ट हो गया है कि राष्ट्रीय दृष्टिकोण वाले संगठनों का युवाओं के बीच होना कितना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन को समझने के लिए घटनाओं के क्रम, कार्यप्रणाली, समर्थन प्रणाली, नेटवर्क, नए तरीके और इसे संचालित करने वाली विचारधारा का निष्पक्ष रूप से विश्लेषण करना जरूरी है। उन्होंने घटनाओं के क्रम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस पहल की शुरुआत ऑनलाइन की थी। प्रारंभ में इसे अच्छा समर्थन मिला, लेकिन बाद में दीपके ने 6 जून को भारत आकर 7 जून से आंदोलन की शुरुआत की।
















