Controversial Statement on Madrasas: केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर अरशद मदनी की तीखी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान
नई दिल्ली से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने मदरसों को आतंकवाद का अड्डा बताया है। मदनी ने इस बयान को गैर जिम्मेदाराना और सांप्रदायिकता की पराकाष्ठा करार देते हुए कहा कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का ऐसा भड़काऊ बयान न केवल उस पद की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि यह देश की महान धार्मिक और शैक्षिक परंपरा, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और भारतीय संविधान का भी अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है और सभी धर्मों और उनकी परंपराओं के सम्मान की शिक्षा देता है। मदनी ने आगे कहा कि ऐसा बयान वही व्यक्ति दे सकता है, जो न तो देश के इतिहास से परिचित हो और न ही मदरसों की भूमिका से। ऐसे वक्तव्य संकीर्ण सोच और नकारात्मक धारणा के प्रतीक हैं।
मौलाना मदनी ने कहा कि जिन मदरसों को आतंकवाद का अड्डा कहा जा रहा है, उन्हीं से निकले उलेमाओं ने सबसे पहले देश की आजादी का बिगुल फूंका था। उन्होंने फांसी के फंदों को हंसते हुए चूमा, लंबे समय तक जेल काटी और प्रताड़ना सही, लेकिन विदेशी शासन के सामने कभी सिर नहीं झुकाया था। यह बयान देश के उन सभी लोगों के लिए अपमानजनक है, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और अपने जीवन को देश की सेवा में समर्पित किया। मदनी ने यह भी कहा कि ऐसे बयान केवल समाज में नफरत फैलाने का काम करते हैं और इससे देश की एकता और अखंडता को खतरा होता है।
















