Court Hearing Update: श्री रामलीला पंचवटी मंडप ट्रस्ट विवाद में हाई कोर्ट के जज ने खुद को किया अलग

प्रयागराज से एक महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है जिसमें श्री रामलीला पंचवटी मंडप ट्रस्ट के अध्यक्ष रामकुमार सिंघल द्वारा दायर याचिका की सुनवाई अब इलाहाबाद हाई कोर
प्रयागराज से एक महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है जिसमें श्री रामलीला पंचवटी मंडप ट्रस्ट के अध्यक्ष रामकुमार सिंघल द्वारा दायर याचिका की सुनवाई अब इलाहाबाद हाई कोर्ट की किसी अन्य पीठ द्वारा की जाएगी। यह निर्णय न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल द्वारा लिया गया है, जिन्होंने स्वयं को इस मामले की सुनवाई से अलग करने का निर्णय किया। उन्होंने इस संबंध में पत्रावली को मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष भेज दिया है। यह आदेश सोमवार को जारी किया गया, लेकिन न्यायमूर्ति अग्रवाल ने खुद को अलग करने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया। इस मामले में याचिका की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी और अधिवक्ता सौरव त्रिपाठी ने पक्ष रखा, जबकि प्रतिवादी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज, जो श्री रामलीला कमेटी कांधला अपंजीकृत (कैलाशचंद्र गुट) के प्रबंधक हैं, स्वयं उपस्थित हुए।
यह याचिका अपर जिला व सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट), शामली द्वारा 12 सितंबर 2025 को पारित आदेश को चुनौती देते हुए दाखिल की गई है। इस आदेश में वाद संख्या 96/2021 में प्रार्थना पत्र 6-सी पर निर्णय देते हुए विवादित संपत्ति और रामलीला आयोजन के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया था। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है, जो समाज में गहरी जड़ें रखता है। ऐसे में इस प्रकार के कानूनी विवादों का समाधान समय पर होना आवश्यक है ताकि धार्मिक आयोजनों में कोई रुकावट न आए।
















