Court Verdict in Meerut: 22 साल बाद आया अदालत का फैसला, दो को सजा, एक को जुर्माना से किया दंडित

मवाना में न्यायिक दंडाधिकारी प्रशांत मौर्य ने 22 वर्ष पुराने मारपीट के मामले में फैसला सुनाते हुए दोषियों को सजा और अर्थदंड से दंडित किया है। यह मामला 4 जुलाई 2
मवाना में न्यायिक दंडाधिकारी प्रशांत मौर्य ने 22 वर्ष पुराने मारपीट के मामले में फैसला सुनाते हुए दोषियों को सजा और अर्थदंड से दंडित किया है। यह मामला 4 जुलाई 2004 का है, जब जब्बार ने नूरनिशा, अलीशेर और मुस्तकीम के खिलाफ गाली-गलौज और लाठी-डंडों से मारपीट करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। थाना मवाना पुलिस ने इस मामले की जांच की और अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सभी तथ्यों और गवाहों के बयान को ध्यान में रखते हुए अपना निर्णय लिया। न्यायिक दंडाधिकारी ने शुक्रवार को मुस्तकीम को एक वर्ष के कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा, अलीशेर को छह माह के कारावास और एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, नूरनिशा पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस मामले में न्यायालय का यह निर्णय 22 साल बाद आया है, जिससे पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है।
इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने गवाहों के माध्यम से यह साबित करने का प्रयास किया कि आरोपियों ने किस प्रकार से पीड़ितों पर हमला किया था। गवाहों ने बताया कि किस तरह से जब्बार ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ितों पर लाठी-डंडों से हमला किया था। इस मामले में न्यायालय ने सभी गवाहों के बयान को गंभीरता से लिया और इसके आधार पर ही आरोपियों को सजा सुनाई गई। न्यायालय ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में सख्त सजा देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध करने की हिम्मत न कर सके।
















