Bypoll defeat in Datia: भाजपा की हार ने उठाए कई सवाल

दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार ने पार्टी के सामने कई गंभीर राजनीतिक और संगठनात्मक सवाल खड़े कर दिए हैं। यह चुनाव केवल एक सीट का नह
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार ने पार्टी के सामने कई गंभीर राजनीतिक और संगठनात्मक सवाल खड़े कर दिए हैं। यह चुनाव केवल एक सीट का नहीं था, बल्कि भाजपा ने इसे अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा था। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जैसे बड़े नेता चुनाव प्रचार में सक्रिय रहे, लेकिन इसके बावजूद पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव प्रचार के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बड़ौनी में सभा कर सिंधिया राजघराने और दतिया के पुराने संबंधों का हवाला देते हुए विकास कार्यों का भरोसा दिलाया। वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बसई में ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं, विशेषकर दतिया मुख्यालय से दूर बसे गांवों के विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उदगवां और उपरायं में सभाएं कर प्रदेश सरकार की योजनाओं के आधार पर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की और कांग्रेस पर तीखे हमले बोले। लेकिन मतगणना के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया कि इन सभाओं का अपेक्षित चुनावी लाभ भाजपा को नहीं मिल सका।
भाजपा की हार के साथ ही संगठन में भितरघात की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। मतगणना केंद्र पर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने इशारों में कहा कि जो लोग भाजपा को मां कहते हैं, उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी स्पष्ट किया कि पार्टी चुनाव परिणाम की समीक्षा करेगी और यदि किसी स्तर पर अनुशासनहीनता या भितरघात सामने आता है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। चुनाव परिणाम के बाद हर ओर भीतरघात की चर्चा जोरों पर है। बताया जा रहा है कि मतदान से एक-दो दिन पहले और मतदान के दिन पूर्व गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा के कई समर्थकों की निगरानी कराई गई। इनमें भाजपा के कुछ पार्षद, नगर परिषद अध्यक्ष और स्थानीय पदाधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इस संबंध में किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चुनाव परिणाम के बाद संगठन के भीतर यह चर्चा प्रमुखता से चल रही है। माना जा रहा है कि समीक्षा बैठक में यह मुद्दा भी उठ सकता है।
















