El Nino's Impact: हरियाणा, पंजाब और यूपी में सामान्य से 38% तक कम बारिश

इस वर्ष अल-नीनो के प्रभाव के कारण मानसून के पहले दो महीनों, यानी जून और जुलाई में भारत में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत के
इस वर्ष अल-नीनो के प्रभाव के कारण मानसून के पहले दो महीनों, यानी जून और जुलाई में भारत में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश राज्यों में यह कमी राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। उत्तर प्रदेश में बारिश की कमी राष्ट्रीय औसत से दोगुनी है, जहां 28 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पंजाब में सामान्य से 38 प्रतिशत और हरियाणा में 31 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस स्थिति ने वर्षा पर निर्भर खेती करने वाले राज्यों के लिए चिंता बढ़ा दी है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की स्थिति भी कुछ बेहतर नहीं है। यहां पर इस मानसून के दौरान 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सामान्यत: इस अवधि में दिल्ली में 268 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार केवल 240.2 मिमी बारिश हुई है। यह कमी दिल्ली के किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि बारिश की कमी से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस कमी के कारण कृषि उत्पादन में भी गिरावट आने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में 1 जून से 2 अगस्त तक बारिश का आंकड़ा 73 प्रतिशत के आसपास रहा, जो सामान्य से लगभग 28 प्रतिशत कम है। इस दौरान प्रदेश में 261.4 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 357.6 मिमी है। पूर्वी यूपी में बारिश की कमी 34 प्रतिशत (254.2 मिमी) और पश्चिमी यूपी में 15 प्रतिशत (271.7 मिमी) रही। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर को छोड़कर अन्य सभी जगह सामान्य से कम बारिश हुई है। जम्मू-कश्मीर में 16 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सामान्य से 6-6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
















