Fraudulent Aadhaar Card Gang Busted: प्रयागराज में फर्जी आधार कार्ड गैंग के मास्टरमाइंड समेत दो गिरफ्तार

प्रयागराज में साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने एक फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए उसके मास्टरमाइंड सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ
प्रयागराज में साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने एक फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए उसके मास्टरमाइंड सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के पास से पुलिस ने तीन लैपटाप, विभिन्न स्टोरेज डिवाइस, तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक आईफोन, चार सिम कार्ड, एक फिंगर स्केनर, 19 चेकबुक और पासबुक, तीन हिसाब-किताब की किताबें तथा अन्य उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा की गई एक विशेष जांच के दौरान की गई, जिसमें यह पता चला कि यह गैंग UIDAI की सुरक्षा व्यवस्था को बायपास कर आधार नामांकन और अपडेट का कार्य कर रहा था। पुलिस ने बताया कि इस गैंग के सदस्य किसी अन्य आधार आपरेटर की UIDAI User ID और PIN का उपयोग क्लोनिंग और बायपास तकनीक से करते थे। इसके माध्यम से वे Any Desk और Remote Access के जरिए आधार प्रणाली में लॉगिन कर जाते थे। इस तरह से वे अनधिकृत रूप से आधार कार्ड बनाते और अपडेट करते थे। इस मामले का खुलासा आतंकवाद निरोधक दस्ते ने किया, जिसके बाद विवेक त्रिपाठी नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान साइबर थाना प्रभारी रोहित तिवारी, इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह और मोहम्मद आलमगीर ने दो आरोपियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की।
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि वे वर्ष 2020 से आईपीएस ई-सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के माध्यम से फ्रेंचाइज़ी संचालित कर रहे थे। इस कंपनी के जरिए वे निर्धारित बैंकों में आधार कार्ड ऑपरेटरों की नियुक्ति करते थे और आधार कार्ड बनाने तथा अपडेट करने का कार्य भी करते थे। हालांकि, लगभग दो वर्ष पूर्व जब कंपनी का बैंकों के साथ अनुबंध समाप्त हो गया, तब आधार ऑपरेटरों की आईडी बंद हो गई। इसी दौरान, पूर्व आधार ऑपरेटर लवकुश ने उन्हें बताया कि कुछ लोग क्लोनिंग और बायपास तकनीक का उपयोग कर आधार संबंधी कार्य कर रहे हैं और इस काम से अच्छी आय प्राप्त कर रहे हैं। इसके बाद लवकुश ने उन्हें एक तकनीकी व्यक्ति से मिलवाया, जो आधार आईडी की बायपास और क्लोनिंग करता था। इस बातचीत के दौरान यह तय हुआ कि प्रति आधार ऑपरेटर की आईडी को सक्रिय करने के लिए 5,000 रुपये प्रति सेशन और प्रति आधार बनाने या अपडेट करने के लिए 250 रुपये अतिरिक्त लिए जाएंगे।
















