Gorakhpur kidnapping case: गोरखपुर में 10 वर्षीय बच्ची का अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का मामला

गोरखपुर में 10 वर्षीय बालिका के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह दिन के भीतर 187 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। यह चा
गोरखपुर में 10 वर्षीय बालिका के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह दिन के भीतर 187 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट बुधवार को न्यायालय में प्रस्तुत की गई। पुलिस का उद्देश्य इस मामले की सुनवाई को फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द से जल्द शुरू करना है, ताकि आरोपित सिपाही अभिषेक यादव को शीघ्र और कठोर सजा दिलाई जा सके। इस मामले में पुलिस ने घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज, पीड़िता की बहन के बयान, प्रत्यक्ष और परिस्थितिजन्य साक्ष्य, इलेक्ट्रानिक साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को शामिल किया है। विवेचना टीम ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों को क्रमबद्ध तरीके से संकलित कर आरोपपत्र को मजबूत बनाने का प्रयास किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस संवेदनशील मामले में प्रत्येक साक्ष्य का विधिक परीक्षण कराया गया है।
पुलिस ने बताया कि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से कुछ महत्वपूर्ण रिपोर्टें अभी प्राप्त नहीं हुई हैं। इनमें डीएनए, जैविक नमूनों और अन्य वैज्ञानिक परीक्षणों की रिपोर्ट शामिल हैं। जैसे ही ये रिपोर्ट प्राप्त होंगी, उन्हें पूरक चार्जशीट के माध्यम से न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इससे अभियोजन पक्ष का मामला और अधिक सशक्त होगा। पुलिस का कहना है कि इस मामले में तकनीकी बाधाओं से बचने के लिए अभियोजन अधिकारियों से आवश्यक कानूनी राय ली गई है। सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपित के विरुद्ध मजबूत आधार प्रस्तुत करते हैं।
















