Toll Free Travel: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर NHAI की कार्रवाई

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (nhai) ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की घटनाओं के बाद त्वरित कार्रवाई की है। यह एक्सप्रेसवे 13 जुलाई को शुरू हुआ
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की घटनाओं के बाद त्वरित कार्रवाई की है। यह एक्सप्रेसवे 13 जुलाई को शुरू हुआ था और उद्घाटन के मात्र 20 दिनों के भीतर ही इसे लेकर लगातार शिकायतें आने लगीं। इन शिकायतों के मद्देनजर, NHAI ने निर्णय लिया है कि जब तक सड़क की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक यात्रियों से टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस निर्णय के साथ ही, NHAI ने निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की सिफारिश भी की है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि सड़क के बार-बार धंसने से यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा था। NHAI ने यह सुनिश्चित किया है कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा, निर्माण कंपनी पर 2 प्रतिशत का जुर्माना भी लगाया गया है और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। NHAI ने स्पष्ट किया है कि टोल राजस्व में होने वाले नुकसान और सड़क की मरम्मत का खर्च, जो लगभग 3 करोड़ रुपये है, पीएनसी कंपनी को ही उठाना होगा। इसके साथ ही, स्वतंत्र अभियंता कंपनी थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज को भी डिबारमेंट का नोटिस जारी किया गया है। यह सभी कदम इस बात को दर्शाते हैं कि NHAI ने सड़क निर्माण में लापरवाही को लेकर गंभीरता दिखाई है और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
इस मामले में और भी कार्रवाई की गई है। PNC के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक गुप्ता, रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार और स्वतंत्र इंजीनियर्स के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार को उनके पदों से हटा दिया गया है। इन तीनों पर अगले दो सालों के लिए NHAI, MoRTH और NHIDCL के किसी भी प्रोजेक्ट में काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, NHAI ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को भी पद से हटा दिया है और पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया के खिलाफ चार्जशीट जारी की गई है। मामले की तकनीकी जांच IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी, जिसमें लेजर प्रोफिलोमीटर तकनीक का उपयोग कर एक्सप्रेसवे की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
















