High Court Seeks Response on Encroachment Removal: झारखंड में जलस्रोतों का बुरा हाल, धुर्वा, कांके और गेतलसूद डैम पर अतिक्रमण हटाने को हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के रांची में स्थित धुर्वा, कांके और गेतलसूद डैम जैसे प्रमुख जलस्रोतों पर अतिक्रमण के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवा
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के रांची में स्थित धुर्वा, कांके और गेतलसूद डैम जैसे प्रमुख जलस्रोतों पर अतिक्रमण के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जलस्रोतों से अतिक्रमण हटाने से संबंधित एक रिपोर्ट अदालत में पेश की। अदालत ने इस रिपोर्ट की प्रति न्याय मित्र को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि मामले की गंभीरता को समझा जा सके। इसके साथ ही न्याय मित्र को रांची के उपायुक्त द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का अध्ययन करने और अपना उत्तर दाखिल करने के लिए कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी। इससे पहले अदालत ने रांची के उपायुक्त को विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने तीनों डैम परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित जमीन का सटीक विवरण और नक्शा मांगा है। इसके अलावा, अतिक्रमण की स्थिति का सर्वे नंबर सहित पूरा ब्योरा और अतिक्रमण हटाने के लिए अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी गई है। पूर्व में हुई सुनवाई में अदालत को बताया गया था कि धुर्वा, कांके और गेतलसूद डैम तथा उनसे जुड़े जलाशयों की जमीन पर अतिक्रमण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। इसके बाद रांची डीसी की रिपोर्ट को कोर्ट में पेश करने की बात कही गई थी।
















