Insurance Requirement for Fuel: बिना बीमा के वाहन को नहीं मिलेगा ईंधन

भारत में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 'वाहन का बीमा नहीं तो तेल नहीं' अभियान के तहत एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू क
भारत में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 'वाहन का बीमा नहीं तो तेल नहीं' अभियान के तहत एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिना वैध बीमा के वाहन पेट्रोल पंपों से ईंधन प्राप्त न कर सकें। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वे इस पायलट प्रोजेक्ट को लागू करने की प्रक्रिया को शीघ्रता से शुरू करें। इस योजना के तहत, पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने से पहले वाहनों के बीमा की जांच की जाएगी। यदि किसी वाहन का बीमा वैध नहीं है, तो उसे ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह कदम सड़क पर चलने वाले बिना बीमा वाले वाहनों की संख्या को कम करने के लिए उठाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके अंतर्गत, हाईवे और सड़कों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों को 'वाहन VAHAN' पोर्टल और बीमा डेटाबेस से जोड़ा जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि बिना बीमा वाली गाड़ियों के खिलाफ स्वतः ई-चालान जारी किए जा सकें। इसके अलावा, नई प्राइवेट कारों के लिए अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा की अवधि को 3 साल से बढ़ाकर 4 साल और नए दोपहिया वाहनों के लिए 5 साल से बढ़ाकर 6 साल कर दिया गया है। इस प्रकार, सुप्रीम कोर्ट ने सड़क पर सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
















