Kailash Mansarovar Yatra Route Reopens: पिथौरागढ़ में 12 घंटे बाद खुला कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग

पिथौरागढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग 12 घंटे के बाद यातायात के लिए खुल गया है। यह मार्ग दो स्थानों पर भारी मलबा आने और मलघाट में लगा
पिथौरागढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग 12 घंटे के बाद यातायात के लिए खुल गया है। यह मार्ग दो स्थानों पर भारी मलबा आने और मलघाट में लगातार पत्थर गिरने के कारण बंद हो गया था। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में हो रही लगातार बारिश ने ग्रामीणों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। धारचूला तहसील के अंतर्गत उच्च हिमालयी दारमा घाटी के प्रवेश द्वार दर गांव में स्थिति सबसे खराब है। यहां बारिश के चलते भारी भूधंसाव और भूकटाव की घटनाएं हो रही हैं। गांव के आंतरिक मार्ग बुरी तरह धंस चुके हैं और गांव को मुख्य धारा से जोड़ने वाले रास्ते बह गए हैं, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई मकानों के दोनों तरफ जमीन दरक रही है, जिससे लोग भयभीत हैं। यह गांव पिछले 1971 से आपदा का सामना कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में खौफ व्याप्त है।
जिला मुख्यालय में गुरुवार को भी मूसलधार बारिश का सिलसिला जारी रहा। चीन सीमा को जोड़ने वाले टनकपुर-तवाघाट हाईवे, तवाघाट-लिपुलेख, तवाघाट-सोबला-तिदांग और मुनस्यारी-धापा-मुनस्यारी मार्ग भूस्खलन के कारण बंद पड़े हैं। हालांकि, कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग 12 घंटे बाद और टनकपुर तवाघाट हाईवे 11 घंटे बाद यातायात के लिए खुल गए हैं। इस दौरान दोनों तरफ कई वाहन फंसे रहे। धारचूला से गुंजी की ओर जा रहे वाहनों ने सांय 4 बजे मलघाट से आगे बढ़ना शुरू किया और रात्रि 9 बजे तक वाहनों के गुंजी पहुंचने की संभावना है।
















