Ranchi JPSC-JSSC Protest Roundup: झारखंड में छात्र आंदोलन ने लिया नया मोड़

रांची में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। पिछले 13 दिनों से जयपाल सिंह स
रांची में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। पिछले 13 दिनों से जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहे इस आंदोलन ने हजारों युवाओं को एकजुट कर दिया है। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार धांधली हो रही है और वे सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के 13वें दिन भी छात्र-छात्राएं धरने पर डटे रहे, जबकि कई छात्र अनशन पर बैठे हैं। बारिश और उमस के बावजूद वे अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं करती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। आंदोलन के दौरान कई राजनीतिक नेता भी छात्रों के समर्थन में आए हैं, जिसमें विधायक जयराम महतो और बाबूलाल मरांडी शामिल हैं। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने एक समिति का गठन किया है, जो छात्रों से बातचीत करेगी। छात्रों ने वार्ता के लिए एक प्रतिनिधिमंडल की सूची भी जारी की है, जिसमें आठ छात्र प्रतिनिधि, दो पत्रकार और एक वकील शामिल हैं। यह वार्ता सरकार और छात्रों के बीच संभावित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
छात्रों का यह आंदोलन अब केवल एक स्थानीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। आंदोलन के दौरान कई छात्र नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी रांची पहुंचे हैं, जो छात्रों के समर्थन में खड़े हो रहे हैं। विशेष रूप से, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का अनशन चर्चा का केंद्र बना हुआ है। सोशल मीडिया पर उनके स्वास्थ्य को लेकर कई अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अपने हक के लिए अनशन जारी रखेंगे। इस बीच, छात्रों ने यह भी कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। छात्रों का यह आंदोलन अब विधानसभा तक पहुंच चुका है, जहां विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए जोरदार हंगामा किया। भाजपा के विधायक भी इस मुद्दे पर मुखर हो गए हैं और सदन में न्याय की मांग कर रहे हैं।
राज्य सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए वार्ता का प्रस्ताव रखा है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार समाधान निकालने के लिए गंभीर है और छात्रों से बातचीत करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। छात्रों ने वार्ता के लिए एक प्रतिनिधिमंडल की सूची जारी की है, जिसमें सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को सरकार के सामने रखने का निर्णय लिया गया है। यह वार्ता छात्रों और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। आंदोलन की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, और यह देखना होगा कि सरकार छात्रों की मांगों को कैसे संबोधित करती है। इस आंदोलन ने झारखंड में शिक्षा व्यवस्था की अनियमितताओं को उजागर किया है और यह स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों की आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
















