Lifelong Imprisonment for Rapist in Haridwar: हरिद्वार में 8 साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास की सजा, कोर्ट ने 1 लाख का जुर्माना भी लगाया

हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र में एक विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 17 महीने पहले आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए दयानंद को आजीवन कारावास की सजा सुन
हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र में एक विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 17 महीने पहले आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए दयानंद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने उसे एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में शासकीय अधिवक्ता आदेश चौहान ने जानकारी दी कि घटना 1 मार्च 2025 को हुई थी, जब बच्ची के माता-पिता खेत में मजदूरी कर रहे थे। इस दौरान बच्ची को मुर्गा फार्म पर मुर्गा लाने के लिए भेजा गया था। जब बच्ची काफी देर तक वापस नहीं आई, तो उसके माता-पिता ने उसकी तलाश शुरू की। बच्ची के पिता ने जब गन्ने के खेत में पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि दयानंद उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म कर रहा था। पिता के शोर मचाने पर दयानंद वहां से भागने लगा, लेकिन बच्ची के पिता ने उसे पकड़ने की कोशिश की। दयानंद ने उन्हें बंदूक दिखाकर डराने की कोशिश की। इसके बाद लहूलुहान हालत में बच्ची को उसके परिवार ने थाने पहुंचाया और फिर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित दयानंद के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।
इस मामले में वादी पक्ष ने न्यायालय में 10 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने दयानंद को साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाया। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। यदि दयानंद जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। यह मामला समाज में दुष्कर्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर करता है। न्यायालय का यह निर्णय न केवल पीड़िता के परिवार के लिए न्याय है, बल्कि समाज में ऐसे अपराधों के प्रति एक सख्त संदेश भी है।
















